बाड़मेर, दिसम्बर 20 -- राजस्थान के बाड़मेर जिले में उस वक्त प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई, जब एक सरकारी कैंप के दौरान सचिव की जुबान से निकला तीखा सवाल "अफसरों को आखिर कौन सा बुखार चढ़ा है?"। यह टिप्पणी किसी सामान्य नाराज़गी का इज़हार नहीं थी, बल्कि सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सीधा हमला थी। इसी बीच भाजपा नेता ने भ्रष्टाचार को लेकर ऐसा आरोप लगाया कि पूरा प्रशासन कटघरे में खड़ा नजर आने लगा। मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अचानक कलेक्टर आईएएस टीना डाबी की सरप्राइज एंट्री ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। सवाल यह है कि क्या इस अप्रत्याशित दौरे से व्यवस्था की पोल खुल गई, या फिर टीना डाबी ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया? जानकारी के अनुसार, जिले में चल रहे एक प्रशासनिक कैंप में योजनाओं के क्रियान्वयन और लंबित शिकायतों की समीक्षा हो रही थी। इस...
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