नई दिल्ली, जनवरी 6 -- दाल, राजमा और छोले जैसे खाद्य पदार्थ भारतीय रसोई में सेहत की पहचान माने जाते हैं। बचपन से हमें सिखाया जाता है कि ये प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं और रोज के खाने में जरूरी हैं। लेकिन हकीकत यह है कि बहुत से लोग इन्हें खाने के बाद पेट फूलने, गैस, एसिडिटी और भारीपन जैसी समस्याओं से जूझते हैं। ऐसे में अक्सर लोग दाल को ही दोष देने लगते हैं और सोचते हैं कि शायद यह खाना उनके शरीर को सूट नहीं करता। न्यूट्रिशनिस्ट निकिता बार्डिया के अनुसार, इसका मतलब यह नहीं कि दाल आपके लिए खराब है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि आपका पाचन तंत्र सही तरह से काम नहीं कर पा रहा।एक आम गलतफहमी यह है कि दाल स्वभाव से ही 'गैस बनाने वाली' होती है। हकीकत यह है कि दाल, राजमा और छोले जटिल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं जिन्हें पचाने के लिए शरीर ...