बेगुसराय, मार्च 8 -- बखरी। निज संवाददाता संविधान को खतरा उन जैसे लोगों से भी है, जो कि बेटियों को शिक्षा देने में भेदभाव कर रहे हैं। बेटों को जैसे पढ़ाते हैं वैसे ही बेटियों को भी पढ़ना चाहिए। उन्हें भी पढ़ाकर आईएएस-आईपीएस बनना चाहिए। ये बातें छात्र युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतनलाल ने स्थानीय सम्राट अशोक भवन सभागार में युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर शुरू से ही एक याचक की भूमिका में रहे हैं। उनका विचार समानता का रहा है। बाबा साहब, गांधी, नेहरू में सैद्धान्तिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वे आपस में गालियां नहीं दे रहे थे। वह विकसित राष्ट्र बनाना चाह रहे थे। आज के लोग एक दूसरे को सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए गाली दे रहे हैं। वाजपेई जब सत्ता में आए तो उन्होंने पेंश...