पटना, जनवरी 5 -- भाकपा माले ने भारत के राजनीतिक बंदियों को आजाद करने की मांग की है। सोमवार को भाकपा(माले) लिबरेशन की केंद्रीय कमेटी ने विज्ञप्ति जारी कर यह मांग की। भाकपा माले ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुलफिशां फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत देने तथा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने को चौंकाने वाला फैसला बताया। पार्टी ने प्रतिक्रिया दी कि बिना मुकदमे के पांच साल से ज्यादा हिरासत में रखने के बाद उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न देना, न्याय और भारतीय नागरिकों की संवैधानिक स्वतंत्रता के सिद्धांत का खुला निषेध है। पार्टी ने भारत की लोकतांत्रिक जनता से अपील की कि न्याय की धज्जियां उड़ाने वाली इस घटना के खिलाफ अपना विरोध जाहिर करें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टें...