निज संवाददाता, जनवरी 12 -- प्राचीन काल से ऐतिहासिक राजगीर की पहचान 22 कुंड और 52 धाराएं रही हैं। जनवरी में भीषण ठंड के मौसम में गंगा-जमुना कुंड की दो गर्म जल धाराओं के सूखने से लोग हैरान और चिंतित है। सर्द मौसम में पहली बार कुंड की धाराओं से पानी नहीं आ रहा है। कुछ साल पहले गर्मी में इन कुंडों की धाराएं कुंद पड़ी थीं। जानकारों का कहना है कि कुंड क्षेत्र में बोरिंगों की संख्या अधिक होने से ऐसे भयावह हालात बने हैं। 18 मई से राजगीर में एक माह का मलमास मेला शुरू होने वाला है और स्थानीय लोग चिंतित हैं कि कुंड में पानी नहीं होने पर श्रद्धालु स्नान व पूजा-पाठ कैसे करेंगे। सिंचाई विभाग के पूर्व कार्यपालक अभियंता जयदेव प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2010 में केन्द्रीय टीम ने कुंड के जलस्रोतों और धाराओं की स्थिति का अध्ययन किया था। टीम ने कई अनुशंसाएं की ...