कानपुर, नवम्बर 27 -- कानपुर। राखी मंडी में कबाड़ के गोदामों और झोपड़ियों में लगी आग बुझने के बाद गुरुवार को इलाके में दिल दहला देने वाला मंजर दिखाई दिया। लोग राख के ढेर में अपनी बची-खुची जिंदगी खोजते हुए नजर आए। आग ने कबाड़ के गोदामों में रखा स्क्रैप ही नहीं, बल्कि कई परिवारों की पूरी गृहस्थी छीन ली। इस अग्निकांड में बस्ती में रहने वाली संतकुमारी और उनके पड़ोसी की झोपड़ी भी चपेट में आ गई थी। घरों में चौका बर्तन करने वाली संतकुमारी राख के ढेर में गृहस्थी का जला हुआ सामान देखकर फफक पड़ी। जैसे ही राख के ढेर से उन्हें जले हुए नोट मिले, वह बुरी तरह टूट गई। उन जले हुए नोटों को उठाकर वह बोली। इन रुपयों को मुसीबत के वक्त काम आने के लिए जोड़ रही थी। ईश्वर ने ऐसी मुसीबत दी कि ये नोट किसी काम भी नहीं आएंगे। राखी मंडी में बुधवार भोर को आग लग गई थी। इ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.