भागलपुर, अगस्त 5 -- रक्षा बंधन से ठीक पांच दिन पहले एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शाहकुंड के कसबा खेरही निवासी कई मासूम बहनों की दुनिया उजाड़ दी। जिस भाई की कलाई पर राखी बांधने के सपने उसने संजोए थे, वही भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा। मृतक संतोष की महज 15 साल की बहन साक्षी के लिए यह राखी का त्योहार अब हमेशा एक टीस बनकर रह जाएगा। बहन साक्षी की हालत देख उसके परिवार व गांव में गम का माहौल है और हर आंख नम है। यह कहानी है उन मृतक पांच भाइयों के बहनों की, जिसकी बहनों की राखी बांधने की ख्वाहिश अब अधूरी रह गई। यही हालत मृतक विक्रम की बहन आंचल, मृतक अंकुश की बहन आशा व मृतक रवीश की बहन शिशु व नैंसी की है। साक्षी ने बताया कि वह रो-रोकर अपने भाई को याद करती रहती है। हमेशा उसका चेहरा उसकी आंखों के सामने आता है। बेहद गरीबी में अपना जीवन बिता रही साक्षी ने ब...
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