मधुबनी, सितम्बर 11 -- मधुबनी । मधुबनी के स्कूलों में काम करने वाली रसोइया अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। इनका कहना है कि ये स्कूलों में खाना बनाने का काम करती हैं, इसके एवज में सरकार द्वारा 15 सौ रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है, जो बहुत ही कम है। अगस्त से इसे बढ़ाकर 3300 किया गया, जो अबतक मिलना शुरू नहीं हुआ। इस पैसे में परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाता है। रसोइयों के सामने सबसे बड़ा संकट उनका मानदेय का है। उन्हें नियमित और पर्याप्त मानदेय नहीं दिया जा रहा है। महीनों तक मानदेय लंबित रहने से घर चलाना कठिन हो जाता है। रसोइयों का कहना है कि न्यूनतम वेतनमान लागू होना चाहिए और कम से कम 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। रसोइयों से साल में 12 महीने काम कराया जाता है, लेकिन भुगतान केवल 10 महीनों का किया जाता है। यह उनके अन्याय है। इनकी ...
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