मेरठ, फरवरी 17 -- मेरठ, प्रमुख संवाददाता मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने तकरीर में कहा कि रमज़ान का महीना बरकतों वाला महीना है। इस महीने में अल्लाह की तरफ से अपने नेक बंदों के लिए रोज़ा खास तोहफा है। अल्लाह रमज़ान के महीने में पहले अशरे के दस दिनों में अपने नेक बंदों पर रहमत नाजिल करता है। उन्होंने कहा कि दूसरे अशरे के दस दिनों में अल्लाह अपने नेक बंदों पर मग़फिरत नाजि़ल करता है। तीसरे अशरे के दस दिनों में अल्लाह अपने नेक बंदों को नर्क से आजा़दी देता है। रमज़ान में रोजा रखने का अर्थ है अल्लाह के लिए अपने आप को समर्पित कर देना। मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने कहा कि रमज़ान के रोज़े का असल मक़सद अपने आप को संवारना है। रमज़ान का महीना अंतरात्मा को शुद्ध करने का नाम है। रोजों का खास एहतमाम करें। हर काम अल्लाह को रा...
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