बरेली, फरवरी 20 -- संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। रमजान माह के पहले जुमा पर मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही। नमाजियों ने अल्लाह की इबादत कर रोजों की कबूलियत के साथ अमन-सुकून की दुआ मांगी। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सबसे आखिर में दोपहर तीन बजे दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में नमाज अदा की गई। यहां दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां समेत खानदान के सभी बुजुर्गों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि रोजा किसी शरई मजबूरी के छोड़ना गुनाह है। अगर किसी शख्स को ऐसी बीमारी हो कि रोजा रखने से बीमारी बढ़ जाने का डर हो या सेहत को नुकसान पहुंचने का अंदेशा हो तो उसे इजाजत है कि वह अभी रोजा छोड़ दे और बाद ...