औरैया, फरवरी 21 -- फफूंद, संवाददाता। पवित्र माह रमजान के पहले अशरे के दौरान जामा मस्जिद आस्ताना आलिया समदिया फफूंद शरीफ में लोगों को संबोधित करते हुए मौलाना ने रमजान की अहमियत और मुसलमानों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान बेहद मुबारक महीना है, जो अपने साथ बरकतें और नेमतें लेकर आता है तथा इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। मौलाना सैयद मुजफ्फर मियां चिश्ती ने बताया कि रमजान के महीने में दस-दस दिन के तीन अशरे होते हैं। पहला रहमत का, दूसरा मगफिरत का और तीसरा जहन्नम से निजात का। पहले दस दिन रहमत के माने जाते हैं और दसवें रोजे के बाद यह अशरा समाप्त हो जाता है। इस दौरान अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमतें नाजिल करता है और छोटे-छोटे नेक कामों का भी बड़ा सवाब देता है, इसलिए हर मुसलमान को इन दिनों में ज...
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