बेगुसराय, मार्च 5 -- नावकोठी,निज संवाददाता। रमजान शुरू है। रमजान माह में रोजे रखने की तरह जकात को भी फर्ज बनाया है। जकात का मतलब है दान देना। अपनी आय के एक हिस्से को गरीबों में बांटने को ही जकात कहा जाता है। नमाज और रोजे की तरह जकात को भी मुसलमानों पर फर्ज किया हैं। पाक माह में कुरान की तिलावत के साथ जकात और फितरा सवाब है।ये बातें नावकोठी मस्जिद के इमाम मो असगर ने मंगलवार को नमाज के बाद कहीं। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताला ने ईद का त्योहार गरीब और अमीर सभी के लिए बनाया है।गरीबी की वजह से लोगों की खुशी में कमी ना आए इसलिए अल्लाह ताला ने हर संपन्न मुसलमान पर जकात और फितरा देना फर्ज करार दिया है। यों रमजान को ''कुरआन का महीना'' भी कहा जाता है, क्योंकि इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद के जरिए कुरआन उतारा गया था। रमजान में रोजा-नमाज और कुरआन की तिलाव...
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