बेगुसराय, नवम्बर 12 -- नावकोठी, निज संवाददाता। रबी की बुआई शुरू है। खेतों में गेहूं, मक्का,आलू आदि फसलों की रोपाई भी की जा रही है।एक ओर ससमय अनुदानित मूल्य पर किसानों को न तो बीज और खाद मिल पाते हैं। वहीं, खुले बाजारों में उर्वरकों व बीजों की कीमतों में उछाल से किसानों के पसीने छूट रहे हैं। किसानों का कहना है कि बुआई के वक्त बीज व उर्वरकों की कीमतों के अधिक होने से खेती में लागत बढ़ जाती है। साथ ही, फसल तैयार होने तक के खर्चों का जब लेखा जोखा करते हैं तो फसल की लागत और उत्पादित अनाजों के मूल्य का फासला अधिक होता है। मुनाफा कम होने से किसान खेती से बिमुख होते जा रहे हैं। एक ओर महाजनों का कर्ज दूसरी ओर लागत के अनुरूप आमदनी नहीं होने की समस्या किसानों की कमर तोड़ रही है। बैंकों का भी किसानों के प्रति रवैया सकारात्मक नहीं रहता है। बेगमपुर के ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.