मोतिहारी, दिसम्बर 5 -- मोतिहारी। नकली दवा की बिक्री में पकड़े गए करीब आधा दर्जन दवा की दुकान का रद्द किए गए लाइसेंस को फिर से बहार कर दिया गया है। पता और स्थान समान रह गया है। फर्क इतना हुआ है कि पति की जगह पत्नी के नाम से लाइसेंस दे दिया गया है और दुकान के बोर्ड का नाम बदल दिया गया है। ड्रग विभाग का यह कारनामा शहर के दवा दुकानदार से लेकर जानकार लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।बताया जाता है कि जिला में करीब दस हजार दवा की दुकान बगैर लाइसेंस के चल रही हैं। न तो इन अवैध दवा की दुकान में दवा कहां से आती है न तो इसकी जांच होती है और न बेची जा रहे दवा के गुणवत्ता की जांच होती है। अलबत्ता डीएम के पास ऐसी दुकान की सूचना मिलने पर उनके निर्देश पर जांच की औपचारिकता पूरी की जाती है। विभाग की हालत यह है कि बस लाइसेंसी दवा की दुकान तक दौड़ लगाया जा...