धनबाद, नवम्बर 28 -- धनबाद। वर्ष 2017 की होमगार्ड बहाली रद्द हुए लगभग तीन साल हो गए हैं। अब तीन साल के बाद एक बार फिर से रद्द की गई होमगार्ड बहाली के अभ्यर्थियों में आस जगी है। दरअसल, मामले में सफल 735 अभ्यर्थियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन फैसला उनके पक्ष में नहीं आया। बाद में अभ्यर्थियों ने सूरज मोदी की अगुवाई में एलपीए (लेटर पेटेंट अपील) दायर की। बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में इसपर सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने अभ्यर्थियों के अधिवक्ता अनुज त्रिवेदी व अमितेश कुमार की दलीलें सुनीं। इसके बाद न्यायालय की डिविजन बेंच ने फैसले को सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने वर्ष 2017 और इसके बाद नए सिरे से होमगार्ड नवनामांकन के विज्ञापन व प्रक्रिया से संबंधित संपूर्ण ब्योरा देने को कहा है। अभ्यर्थी विवेक दूबे ने बताया कि वर...