वाराणसी, जनवरी 31 -- वाराणसी। वरिष्ठ संवाददाता काशी विद्यापीठ से रथयात्रा के बीच गुरुवार को रोप-वे पहला ट्रायल हुआ। करीब दो घंटे तक सात से आठ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से रोप-वे केबिन चलाकर तकनीकी जांच की गई। साथ में मेंटिनेंस व्हीकल भी चलाया गया जिस पर इंजीनियर सवार थे। पहली बार रोप-वे केबिन चलता देखकर आमलोगों में उत्सुकता रही। लोग मोबाइल फोन में उसकी फोटो कैद करते रहे। देश में पहली बार सार्वजनिक परिवहन के लिए रोप-वे का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके पहले चरण के लिए ट्रायल शुरू किया गया है। कार्यदायी संस्था नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) और विश्व समुद्रा कंपनी के विशेषज्ञों ने तारों पर केबिल कार के बोझ, दो पिलर के बीच तारों की स्थिति और आसपास पेड़, भवन आदि के संबंध में रिपोर्ट तैयार की।
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