लखनऊ, अगस्त 28 -- यूपी में संपत्तियों की रजिस्ट्री के बाद खतौनी में नाम दर्ज कराने के लिए लोगों का अब बार-बार तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। गैर विवादित मामलों में अब रजिस्ट्री होते ही स्वत: खतौनी में नाम दर्ज हो जाएगा। राजस्व परिषद संपत्तियों को आधार से लिंक कराने जा रहा है। इसके साथ ही तय प्रारूप पर रजिस्ट्री की पूरी सूचना ली जाएगी। इसके बाद एसमएस या वाट्सएप पर विक्रेता पक्ष को नोटिस भेजकर अनापत्ति ली जाएगी और इसके मिलते ही खतौनी में नाम दर्ज हो जाएगा। प्रदेश में मौजूदा समय संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के बाद खतौनी में नाम दर्ज कराने के लिए अलग से आवेदन देना होता है। आवेदन के बाद विक्रेता पक्ष को मैनुअल नोटिस भेजा जाता है। इतना ही नहीं कुछ लोग इसमें बेजा आपत्तियां लगा देते हैं। इसके चलते तय समय सीमा 35 दिन में क्रेता का नाम खतौनी म...