टिहरी, नवम्बर 27 -- केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 80 यूनिट रक्त एकत्र कर श्री महंत अस्पताल देहरादून को दिया गया। रक्तदान का शुभारंभ निदेशक प्रो.पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने रक्तदान कर किया। कार्यक्रम का संयोजन एनएसएस इकाई के तत्त्वावधान में एनएनएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ.सुरेश शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। परिसर के छात्रों, अध्यापकों तथा छात्रों ने रक्तदान किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए निदेशक प्रो.सुब्रह्मण्यम ने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति साल में चार बार रक्त दे सकता है। यह किसी के दबाव में किया जाने वाला कार्य नहीं, बल्कि स्वत:स्फूर्त प्रेरणा और सेवा भाव है। एक बार रक्त देने के बाद फिर से खून बन जाता है। इससे नुकसान नहीं, फायदा ही होत...