मोतिहारी, दिसम्बर 18 -- रक्सौल। रक्सौल अनुमंडल अस्पताल जिसे सूबे का मॉडल अस्पताल कहा जाता है। इसके शिलान्यास के समय 100 बेड की घोषणा की गई थी। आज मरीजों की बढ़ती भीड़ के बीच सुविधाओं के मामले में अत्यंत पिछड़ा साबित हो रहा है। 6 जून 2022 को उद्घाटन के बाद से संचालित यह अस्पताल केवल 50 बेड के साथ चल रहा है और शुरुआत से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है, जिससे इसकी 'मॉडल' वाली छवि धूमिल हो गई है। जीर्ण-शीर्ण भवन और टूटी हुई व्यवस्था : विडंबना यह है कि उद्घाटन के कुछ ही समय बाद से अस्पताल भवन जीर्ण-शीर्ण होने लगा है। भवन में कई जगह दरारें आ चुकी हैं, पलस्तर गिर गए हैं, और रंग-रोगन की भी कमी है। सबसे चिंताजनक यह है कि लैब रूम सहित कई कमरों की छत से बारिश में पानी रिसता है, और हाल ही में लैब रूम की छत से प्लास्टर और छज्जा का हिस्सा टूटकर गिरने की घ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.