नई दिल्ली, दिसम्बर 5 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान किसी रक्षा खरीद का ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग को लेकर चर्चा की है जिसमें रूस की तरफ से आश्वस्त किया गया है कि वह भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा। साथ ही रूसी रक्षा उद्योग भारत में सह उत्पादन को तैयार हैं। राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा से पहले सुखोई-57, एस-400 तथा जेट इंजन निर्माण आदि को लेकर समझौता होने की अटकलें लगाई जा रही थी लेकिन ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ। संयुक्त बयान में भी इसका कोई जिक्र नहीं है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि समिट से एक दिन पहले ही दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने रक्षा सहयोग को लेकर बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी एवं पुतिन की बैठक में भी इस विषय पर सामान्य चर्चा हुई है। रूस मेक इन इंडिया...