नई दिल्ली, जनवरी 24 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी अदालत ने 86 वर्षीय बुजुर्ग के पक्ष में पारित 83 लाख रुपये से अधिक की वसूली डिक्री के पालन में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने डिक्री का भुगतान न करने और लगातार बचने के आरोप में आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने का आदेश दिया। जिला जज शिवाली शर्मा ने कहा कि 27 अगस्त 2024 को पारित वैध डिक्री को जानबूझकर निष्प्रभावी किया जा रहा है। अदालत ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी वारंट सदर बाजार थानाध्यक्ष के माध्यम से तामील किया जाए और संबंधित डीसीपी के जरिए लुक आउट सर्कुलर जारी किया जाए। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता रवि दराल ने बताया कि आरोपी ने ठिकाना छिपाया, संपत्तियां बेचीं और डिक्री से बचने के लिए रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर कर दीं। पंजाब और सिंध बैंक की रिपोर्ट मे...