रामनगर, जनवरी 2 -- रामनगर। रचनात्मक शिक्षक मंडल की पहल पर पटरानी में चल रहे सावित्रीबाई फुले सायंकालीन स्कूल में शुक्रवार को तीसरा वार्षिकोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ रंगकर्मी सफदर के शहादत दिवस पर उनके लिखे गीत 'पढ़ना-लिखना सीखो, ओ मेहनत करने वालो' के सामूहिक वाचन से हुई। देश की पहली महिला शिक्षिका के रूप में जानी जाने वाली सावित्रीबाई फुले की 195 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर हुए कार्यक्रम में शिक्षक मंडल संयोजक नवेंदु मठपाल ने कहा सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं। वे एक कवियत्री भी थीं। उन्हें मराठी की आदि कवियत्री के रूप में भी जाना जाता था। सावित्रीबाई फुले के जीवन पर हिमांशी, नीलम, मेघा, नेहा की ओर से प्रस्तुत नाटक को काफी सराहा गया। प्रतिभागी बच्चों को...
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