गढ़वा, मई 9 -- रंका, प्रतिनिधि। अनुमंडल मुख्यालय में दिनों दिन आबादी बढ़ रही है। बडी संख्या में आसपास के गांव देहात के लोग रंका के मुहल्लों में आकर बस रहे हैं। ऐसे में सार्वजनिक संसाधनों की जरूरत बढ़ती जा रही है। शादी ब्याह के दिनों में लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। पहले बारात रूकने के लिए स्कूल और सामुदायिक भवन से काम चल जाता था पर समय के अनुसार यह नाकाफी हो गया है। आम तौर पर गली और मुहल्ले में रहने वाले लोगों को मेहमान को रखने और बारात संभालने में होने वाली दिक्कत को देखते हुए सामुदायिक विवाह मंडप या नगर भवन की बेहद जरूरी हो गई है। मुख्यालय में एक निजी मैरिज हॉल है। वह हमेशा बुक रहता है। साथ ही महंगा होने से आम लोगों के बजट से बाहर भी हो जाता है। वहीं पड़ोस के छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में ऐसे छह विवाह मंडप, सामुदायिक भवन होने से लोग वहीं ...
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