अमरोहा, नवम्बर 26 -- सैदनगली। नगर में आखरी रसूल हजरत मुहम्मद मुस्तफा की इकलौती लाडली बेटी सैय्यदा फातिमा जेहरा की यौमे शहादत पर हाजी नसीरुल हसन के अजाखाने से शबीहे ताबूत बरामद हुआ जो पीर जी इमामबारगाह पहुंचा। इससे पूर्व इमामबारगाह पीर जी मुस्तकीम अली में मजलिस हुई जिसमें मर्सियाखुवानी डॉ. लईक हैदर और हमनवा ने की। मजलिस को मौलाना सय्यद मुताहिर हुसैन रिजवी ने खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह ने अपने सबसे प्यारे व आखरी नबी को सिर्फ एक बेटी अता की थी जिसका नाम फातेमा है। रसूल ने कहा बेटियां अभिशाप नहीं होती बल्कि रहमत होती हैं। इनकी सही परवरिश करें। अच्छी तालीम दें और उनके हक अदा करते रहें। प्यारे नबी ने कहा फातेमा मेरे जिगर का टुकड़ा है, जिसने उसे तकलीफ दी। उसने मुझे तकलीफ दी। मगर अफसोस जालिमों ने फातेमा जेहरा को बहुत अजीयत पहुंचाई। उनके ऊपर जलता...