नई दिल्ली, जून 28 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में गठित एक मेडिकल बोर्ड को उस नाबालिग लड़की की जांच करने का निर्देश दिया है, जिसने कोर्ट से गर्भपात कराने की अनुमति मांगने को लेकर अपील दायर की है। यह नाबालिग यौन उत्पीड़न होने की वजह से गर्भवती हो गई थी, और अब वह अपने 26 सप्ताह के गर्भ को गिराने की अनुमति मांग रही है। उसने अपनी मां के माध्यम से उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता के वकील अन्वेष मधुकर ने कहा कि याचिकाकर्ता गर्भावस्था को जारी रखने के लिए इच्छुक नहीं है, तथा उसकी मां ने भी यही भावना व्यक्त की है, जो सुनवाई के दौरान मौजूद थी। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मनोज जैन ने मेडिकल बोर्ड को नाबालिग की जांच करने और रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। जस्टिस जैन ने 27 जून को पारित अपने आदेश...
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