कानपुर, नवम्बर 25 -- कानपुर देहात, संवाददाता। माती मुख्यालय व आसपास के करीब 120 से अधिक गांवों को शहर के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी संभाले केडीए अभी तक मुख्यालय की ही वीरानी दूर नहीं कर सका। आवासीय क्षेत्र विकसित करने के लिए 2015 में बनारअलीपुर के पास बनाई गई आवासीय योजना में टोकन मनी जमा कराने के बाद भी केडीए अभी तक लोगों को भूखंड नहीं दे सका है। बनारअलीपुर में केडीए ने वर्ष 2015 में आवासीय योजना तैयार करने के बाद ले आउट प्लान तैयार कराया था। इसमें यहां हाई-वे किनारे की सरकारी जमीन के पुर्नग्रहण के साथ 4 हेक्टेयर से अधिक किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। वर्ष 2019 में 15 जनवरी से 30 जनवरी तक यहां पर चार श्रेणियों ए, बी, सी और डी के भूखंड की योजना पर टोकन धनराशि जमा कराई गई थी। शुरुआत में यहां पर 419 भूखंडों की लाचिंग की योज...