रिषिकेष, मार्च 10 -- परमार्थ निकेतन में आयोजित 37वें सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत अद्वितीय आध्यात्मिक यात्रा के साथ हुई। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार एमसी योगी ने अपने संगीत से सभी योगियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योग का अनुभव केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि हमारे आत्मीय केंद्र को भी होता है। संगीतमय योग भावना और विचारों के पार जाने की प्रक्रिया है, जो हमें आपने अस्तित्व से जोड़ता है। डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि आज की दुनिया में हर दिन नए विवाद, संघर्ष और विभाजन के समाचार सुनने को मिलते हैं। अगर हम खुद को पृथ्वी से अलग मानते हैं, तो हम न केवल खुद को, बल्कि पूरी सृष्टि को कष्ट पहुंचाते हैं। योग वह आंतरिक साधना है, जो हमें इस विभाजन से ऊपर उठ...
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