गोरखपुर, फरवरी 1 -- गोरखपुर। हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ. अनिता अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना पक्षी विहार और गुजरात के कच्छ जिले की छारी-ढांड आर्द्रभूमि को रामसर स्थल के रूप में अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलना भारत की समृद्ध जैव-विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद रामसर स्थल की संख्या बढ़ कर 98 हो गई है जबकि 2014 तक यह सिर्फ 26 थी। उत्तर प्रदेश में 2017 तक सिर्फ 01 रामसर साइट ऊपरी गंगा नदी (बृजघाट से नरोरा तक) थी, जिसे 2005 में यह दर्जा मिला था, आज अकेले उत्तर प्रदेश में 11 रामसर स्थल हैं। डॉ अनिता अग्रवाल, शनिवार को विश्व आद्रभूमि दिवस के उपलक्ष्य में शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणि उद्यान के सभागार में ...