हरिद्वार, जून 19 -- गुरुकुल कांगड़ी विवि की ओर से गुरुवार को प्रेम नगर आश्रम गंगा घाट पर हरित योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि योगाभ्यास प्राकृतिक परिवेश में करने से ही लाभकारी होता है। इसीलिए पीपल, वट वृक्ष के नीचे ध्यान और नदी के किनारे, एकांत निर्जन वन में साधना की परम्परा रही है। प्रो. सुनील कुमार जोशी ने कहा कि योगाभ्यास को जीवन का अंग बना लेना चाहिए। शुद्ध वायु अब अशुद्ध हो चुकी है, इसीलिए प्राणायाम के अभ्यास के लिए स्वच्छ पर्यावरण आवश्यक है। प्रेम नगर आश्रम के महात्मा स्वामी हरिसंतोषानन्द ने कहा कि योग और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक हैं। मन को नियंत्रण में लाने के उपाय योग को प्रकृति के साथ ही उसे सम्पन्न किया है।

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