पूर्णिया, फरवरी 14 -- पूर्णिया, धीरज। पूर्णिया जिला 14 फरवरी को 256 साल का हो गया। बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले पूर्णिया जिला में खेतीबाड़ी में नयी क्रांति आयी है। मक्का और मखाना ने पूर्णिया जिला की वैश्विक पहचान दिलाने में मदद की है। बिहार में मक्का का सबसे अधिक उत्पादन पूर्णिया जिला में होता है। मखाना की खरीद, बिक्री एवं निर्यात के लिए पूर्णिया विश्व का सबसे बड़ा एक मात्र केंद्र है और यहीं से प्रतिदिन मखाना का मूल्य निर्धारित होता है। पूर्णिया का मखाना अमेरिका और यूरोप में बिक रहा है। मखाना के लिए भोला पासवान शास्त्री एग्रीकल्चर कॉलेज बिहार राज्य का एकमात्र ऑफिशियल राज्यस्तरीय नोडल केन्द्र है। मखाना का जी*आई* टैग पूर्णिया की एक संस्था को ही मिला हुआ है। मिथिला मखाना को मिला हुआ पेटेंट सर्टिफिकेट का पेटेंटी भोला पासवान शास्त्री एग्रीकल्चर...
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