उरई, दिसम्बर 10 -- कालपी। तहसील क्षेत्र में किसानों की मुसीबत कम नहीं हो रही है। डीएपी के बाद अब वह यूरिया के लिए लाईन में लगे हैं लेकिन फिर भी उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। वैसे खाद की किल्लत किसानों के लिए कोई नयी समस्या नहीं है बल्कि वह इससे वर्षो से दो चार होते आ रहे हैं हालाकि उन्हे सबसे ज्यादा समस्या डीएपी के लिए होती थी और इस वर्ष भी हुई थी उन्हे लाईन में लगने के बाद भी मुश्किल से 2 बोरी मिल रही थी हालाकि किसानों ने इस समस्या से जैसे तैसे पार पा ली थी और उन्हे लगा था कि अब उन्हें यूरिया के लिए नहीं भटकना पड़ेगा लेकिन ऐसा सोचना गलत साबित हुआ और डीएपी की तरह यूरिया की कमी उन्हे परेशान कर रही है। पीसीएफ केन्द्र के प्रभारी धनीराम कुशवाहा के अनुसार उन्हे कुछ दिनों पहले एक ट्रक यूरिया मिली थी जो खत्म हो गई थी। जब से उनका गोदाम खाली है। हा...