सिद्धार्थ, अगस्त 30 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। खरीफ सीजन की फसलें इस समय खेतों में खड़ी हैं जिनमें धान, मक्का, तिल और सब्जियां प्रमुख हैं। इनमें धान की फसल कल्ले फूटने से पुष्पावस्था तक पहुंच चुकी है। इस अवस्था में फसल को पर्याप्त पोषक तत्व और पानी की सख्त जरूरत होती है। लेकिन बारिश न होने और यूरिया की कमी से किसान चिंता में हैं। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार देहाती ने बताया कि यूरिया नाइट्रोजन युक्त उर्वरक है, जिसमें 46 प्रतिशत नाइट्रोजन होती है। यह पौधों की वनस्पति वृद्धि के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी होने पर किसान इसकी पूर्ति के लिए मुख्य रूप से यूरिया पर निर्भर रहते हैं। आसानी से प्रयोग में आने और उच्च नाइट्रोजन प्रतिशत के कारण किसान सबसे ज्यादा यूरिया का इस्तेमाल करते...