आनंद सिन्हा, जनवरी 7 -- चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची ने चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष सभी सियासी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। वैसे तो सभी दलों ने इसे लेकर कील-कांटे मजबूत करना शुरू कर दिए हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या यानी 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटना उनके लिए चुनौती बनकर सामने आया है। उन्हें मतदाता सूची में अपनों की तलाश और मिलान की रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना पड़ेगा। खासतौर पर बूथ स्तर की समीक्षा कर अपनों की तलाश करनी होगी। ऐसे में कई विधानसभा सीटों में सियासी दलों का समीकरण बदल जाए तो हैरत नहीं है।शुरुआत में सपा के निशाने पर थी भाजपा एसआईआर की शुरुआत में सत्ता पक्ष विपक्ष के निशाने पर था। आरोप लगाए जा रहे थे कि एसआईआर के जरिये मतदाता सूची से विपक्ष के मतदाताओं की दबी-छुपी छंटनी की जा रही है। इ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.