विशेष संवाददाता, जून 4 -- परिवहन निगम बसों की खरीद पर होने वाले अतिरिक्त व्यय से बचने के लिए नई पहल कर रहा है। इस कड़ी में निगम ने अपनी पुरानी डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलना शुरू कर दिया है। इस रिट्रोफिटमेंट तकनीक के तहत दो डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बस में बदल दिया गया है। इनका ट्रॉयल झांसी-ललितपुर मार्ग पर जल्दी ही किया जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक पुरानी डीजल बसों को निगम के मानक के अनुसार 10 साल अथवा 11 लाख किमी की दूरी तय करने पर बेड़े से हटाया जाना जरूरी होता है। बड़ी संख्या में निगम की बसों की हर साल नीलामी की जाती है। डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बस में बदलने पर नई बसों की खरीदारी नहीं करनी पड़ेगी। इससे अतिरिक्त व्यय नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कानपुर की राममनोहर लोहिया वर्कशाप में दो बसों को इलेक्ट्रिक बस में बदल...
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