विधि संवाददाता, जनवरी 7 -- यूपी के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति घोषित अपराधी है तब भी उसके अग्रिम जमानत की मांग करने पर कोई रोक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत उद्घोषणा जारी की गई है तो यह उसकी अग्रिम ज़मानत की अर्जी पर विचार करने पर पूरी तरह से रोक नहीं लगती है। नर्स की नौकरी करने वाली मोनिका की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट के 2024 के आशा दुबे बनाम मध्य प्रदेश राज्य के मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि अर्जी देने वाली महिला गर्भवती थी और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने से कुछ दिन पहले ही उसने एक बच्चे को जन्म दिया था। कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सभी मामलों में अग्रिम ज़मानत दे...