लखनऊ, फरवरी 19 -- प्रदेश सरकार ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों के दायरे का विस्तार करते हुए सिद्धा और सोवा-रिग्पा विधा को औपचारिक रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। आयुष विभाग की ओर से गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम-2020 की धारा के तहत राज्यपाल ने इस व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान कर दी है। निदेशक आयुर्वेद सेवाएं के पत्र के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि अब नैदानिक संस्थान (चिकित्सालय व क्लीनिक) पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम, 2010 तथा उत्तर प्रदेश नैदानिक संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) नियमावली, 2016 के अंतर्गत सिद्धा एवं सोवा-रिग्पा पद्धति से जुड़े संस्थानों का भी पंजीकरण किया जाएगा। अब तक आयुर्वेद एवं यूनानी विधाओं के अंतर्गत मान्यता प्राप्त चिकित्सकों को संबंधित चिकित्सा पद्धति बोर्ड में पंजीकरण के...
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