विशेष संवाददाता, नवम्बर 17 -- UP Electricity Rates: उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों ने अगले साल की बिजली दरों के लिए तैयारी शुरू कर दी है। कंपनियों को हर साल 30 नवंबर तक नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का प्रस्ताव दाखिल करना होता है। इसी प्रस्ताव पर नियामक आयोग के निर्देश पर आपत्तियां और सुझाव मांगे जाते हैं। इस पर सुनवाई के बाद नई दरें तय की जाती हैं। इस साल की बिजली दरें अभी जारी नहीं हुई हैं। बिजली कंपनियां दरें जारी होने के बाद उन्हीं दरों के आधार पर अगले साल बिजली आपूर्ति पर संभावित खर्च और राजस्व संकलन का एक खाका तैयार करती है। आपूर्ति पर खर्च और राजस्व संकलन में अंतर के आधार पर दरों में बढ़ोतरी या कमी का प्रस्ताव दिया जाता है। हर साल बिजली कंपनियों को विलंबतम 30 नवंबर तक यह ब्योरा नियामक आयोग में दाखिल करना होता है,...