मुख्य संवाददाता, जनवरी 10 -- जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा हजारों बेरोजगारों को भुगतना पड़ रहा है। सबसे बड़ा मामला अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर बीएड के 107 पदों का है। इस भर्ती के लिए पहले उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 2022 में विज्ञापन निकाला था। हालांकि अर्हता विवाद के कारण पूर्व का विज्ञापन निरस्त करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने दोबारा विज्ञापन जारी किया था। हालांकि दोबारा विज्ञापन में भी अर्हता का विवाद बना रहा। चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर बीएड की शैक्षिक अर्हता एनसीटीई अधिनियम 2014 के अनुसार संशोधित करते हुए अग्रेतर कार्यवाही की बात कहते हुए दोबारा जारी विज्ञापन भी निरस्त कर दिया। दो आयोगों के तमाम विशेषज्ञ दो बार विज्ञापन जारी करने के बावजू...