नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में इस वक्त हर राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनाने में जुटा है। मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी जहां पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले से भाजपा को चुनौती देने की जुगत में है तो वहीं बसपा ने भी दलित-मुस्लिम-पिछड़ा (डीएमपी) को जोड़ने को अभियान शुरू कर दिया है। अब यूपी के रण में पीडीए बनाम डीएमपी होता दिख रहा है। 2027 के रण में भाजपा को हराकर सत्ता के सिंहासन कब्जे का दावा कर रहे दोनों राजनीतिक दल, अपना-अपना वोटर बेस बढ़ाने की पूरी कर रहे हैं। ऐसे में सियासी जानकार अभी यह कहने से बच रहे हैं कि कौन किसको चुनौती दे पाएगा। हालांकि वे इतना जरूर कह रहे हैं कि मायावती के नए डीएमपी दांव से अब तक पिछडा, दलित, अल्पसंख्यक (पीडीए) फॉमूले को अचूक ह...