नई दिल्ली, जनवरी 5 -- यूपी के पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हैं। गांवों में भी ग्राम प्रधान और प्रधान प्रत्याशी भी तैयारी में लग गए हैं। इस बीच वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए गए विकास कार्यों के ऑडिट के दौरान अनियमितता पाए जाने पर यूपी के गोंडा जिले की 33 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों को खर्च के सापेक्ष अभिलेख नहीं देने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अपनाया है। 33 ग्राम पंचायतों के प्रधान मुश्किल में आ गए हैं। डीएम ने इन सभी को 10 जनवरी तक विकास कार्यों से संबंधित समस्त अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के बाद अब संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर रिकवरी की तैयारी है। बताया जाता है कि 31 दिसंबर को जिला पंचायत सभागार में डीएम की अध्यक्षता में प्रधानों और सचिवों के साथ बैठक हुई थी। इसमें विकास कार्यो पर खर्च की गई धनराशि...