आनंद सिन्हा, अगस्त 23 -- UP Politics: सियासी मंचों से भले ही लोक कल्याणकारी उद्देश्यों की बातें की जाएं, सियासत की धुरी को लोगों के अच्छे और सरल जीवन यापन पर केंद्रित करने के दावे हों लेकिन फिलहाल यूपी की राजनीतिक हकीकत इससे बिलकुल इतर नज़र आ रही है। यूपी में नेताओं की 'परीक्षा' यानी विधानसभा चुनाव अभी 16 महीने दूर हैं लेकिन कमोबेश सभी सियासी दल खासतौर पर राजग में सहयोगी दल से लेकर खुद भाजपा के विधायक जातीय जोड़-घटाना करने में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 के फरवरी-मार्च में होने हैं। ऐसे में विपक्षी दल सपा पीडीए को मजबूत करने में जुटी है। सपा जिलों-जिलों में 'पीडीए' सम्मेलन शुरू कर रही है। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष हिन्दवी कहते हैं कि मंडल हो या फिर जिला स्तर पर कांग्रेस 'संगठन सृजन' के तहत यह सुनिश्चित किया जा रह...
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