नई दिल्ली, फरवरी 27 -- यूपी में डीएल यानी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं चल सकेगा। अब बिना गाड़ी चलाकर दिखाए लाइसेंस नहीं बन सकेगा। ड्राइविंग टेस्ट की अब वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। अभी तक जुगाड़ होने पर बिना गाड़ी चलाने का टेस्ट दिए ही लाइसेंस की औपचारिकताएं पूरी कर दी जाती है। इसमें दलाल आवेदक से मोटी रकम वसूलते हैं। इस नई व्यवस्था से दलालों के इस कृत्य पर रोक लगेगी। साथ ही अपात्र लोगों का स्थाई लाइसेंस नहीं बन सकेगा। परिवहन विभाग में कुछ समय पहले लर्निंग लाइसेंस बनवाने समेत 51 सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई थी। इससे काफी हद तक आरटीओ कार्यालयों में दलालों पर रोक लग गई थी। हालांकि इसमें भी साइबर कैफे संचालक लनिंग लाइसेंस बनवाने के लिए दलाल की भूमिका निभाने लगे थे। यह इस समय भी बेरोक-टोक चल रहा है। लर्निंग लाइसें...
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