नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में 2.91 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जा सकते हैं। जिसमें सर्वाधिक 1.27 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जो अपने पते से स्थानांतरित हो चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने इन्हें पांच श्रेणियों में बांटा है। यही कारण है कि चुनाव आयोग से दो हफ्ते का समय इन्हें सूची से बाहर करने से पहले सत्यापन के लिए मांगा गया है। प्रदेश की मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता हैं। सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे। जिसमें से 18.85 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस नहीं हुए। जांच की गई तो पता चला कि यह अलग-अलग कारणों से बीएलओ को ढूंढ़े नहीं मिल रहे। सबसे ज्यादा 8.22 प्रतिशत यानी 1.27 करोड़ मतदाता वर्ष 2003 की मतदाता सूची में जिस घर के पते पर थे, अब वहां नहीं है...