सीतापुर। राजीव गुप्ता, मई 8 -- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक ऐसा मंदिर है, जहां पर प्रेमी युगल दूर-दूर से आते हैं। यहां पर साथ जीने और मरने की कसमें खाते हैं। मोहब्बत की निशानी के रूप में यह मन्दिर कभी एक फौजी ने अपनी स्वर्गवासी पत्नी की याद में बनवाया था जिनको वह बहुत चाहते थे। यह मंदिर जिले के पिसावां ब्लॉक के फरीदपुर गांव में बना है, जहां कि फिजाओं में आज भी इस अमर प्रेम की गाथाएं गूंजती हैं। यह एक ऐसी प्रेम कहानी है, जो शाहजहां और मुमताज की याद दिलाती है। यह कहानी है सेना के जवान रामेश्वर दयाल मिश्र की। उन्होंने अपनी पत्नी आशा की स्मृति में अनूठी मिसाल पेश करने वाला एक अनोखा और भव्य मंदिर का निर्माण कराया है। फरीदपुर गांव के मूल निवासी रामेश्वर दयाल मिश्रा (आरडी मिश्रा) का विवाह वर्ष 1957 में आशा देवी के साथ हुआ था। वह अपनी पत्न...