विधि संवाददाता, अगस्त 31 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अम्बेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के सम्बंध में पारित शासनादेशों को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि इनके जरिए आरक्षित वर्ग के लिए 79% से अधिक सीटें सुरक्षित की गई हैं। सरकार ने अनुरोध किया कि इन कॉलेजों में सीटें वर्तमान फार्मूले से भरी जा चुकी हैं पर कोर्ट ने आदेश दिया है कि इन कॉलेजों में आरक्षण अधिनियम 2006 का सख्ती से अनुपालन कर नए सिरे से सीटें भारी जाएं। यह निर्णय न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने नीट अभ्यर्थी साबरा अहमद की याचिका पर पारित किया है। याची की ओर से अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने दलील दी कि याची ने नीट-2025 दी है जिसमें उसे 523 मार्क्स मिले और उसकी ऑल इंडिया रैंक 29061 रही। याचिका में कहा गया कि शासनादेशों दिनांक 20 जनवरी 2010, 21 फरवरी ...
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