संवाददाता, जुलाई 27 -- यूपी में गरीबों के मकानों को लेकर योगी सरकार ऐक्शन में है। विकास प्राधिकरणों द्वारा बनाए जाने वाले दुर्बल और निम्न वर्ग के मकान अब सालों तक खाली नहीं पड़े रहेंगे। इतना ही नहीं इन मकानों के खंडहर होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित योजना देख रहे अधिकारी की होगी। शासन ने ऐसे मकानों के खाली रहने और खंडहर होने पर नाराजगी जताई है। विकास प्राधिकरणों से ऐसे मकानों के बारे में पूरी जानकारी 31 जुलाई तक मांगी गई है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने सरकारी और निजी क्षेत्रों में गरीबों और निम्न मध्य वर्ग के लोगों के लिए 20 फीसदी मकान बनाने का लक्ष्य तय कर रखा है। ईडब्ल्यूएस 10% और एलआईजी 10% मकान बनाए जाते हैं। विकास प्राधिकरणों में भी इन मकानों को बनाया जाता है। यह भी पढ़ें- यूपी के हर जिले के स्कूलों से 10-10 शिक्षक भेजे जाएंगे कानप...