वरिष्ठ संवाददाता, नवम्बर 25 -- आम तौर पर पान की दुकानों का नाम लेते ही आंखों के सामने तंबाकू और सिगरेट से भरी दुकान की तस्वीर उभरती है, लेकिन बरेली के फूटा दरवाजा में एक पान की दुकान बच्चों की जिंदगी संवारने का काम कर रही है। यहां बैठने वाले आरिफ अहमद, जिन्हें मोहल्ले के बच्चे प्यार से 'पान वाले चाचा' कहते हैं, अपनी दुकान को पढ़ने-लिखने के अड्डे में बदल चुके हैं। छोटे-छोटे बच्चे जब कॉपियां और चार्ट लेकर आते हैं, तो आरिफ न सिर्फ मुस्कुराकर उनका स्वागत करते हैं, बल्कि मुफ्त में नक्शे, डायग्राम और ड्राइंग बनाकर उनकी पढ़ाई आसान कर देते हैं। जिस जगह से आमतौर पर नशे का सामान बिकता है, वहां बच्चों का भविष्य संवरता देखना अपने आप में एक अनोखी मिसाल है। बरेली में पुराने शहर के फूटा दरवाजा इलाके में आरिफ अहमद की छोटी-सी दुकान दिनभर बच्चों की आवाजाही...
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