लखीमपुर खीरी, दिसम्बर 12 -- यूपी की ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की तैनाती इसलिए की गई कि वह पंचायत भवन में बैठकर ग्रामणों को को सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे। पंचायत भवन से ही सीएससी (कामन सर्विस सेंटर) का संचालन करके सीएससी की सेवाएं देंगे। लेकिन जिले के 40 ग्राम पंचायतों के पंचायत सहायक ऐसे हैं जिन्होंने पिछले करीब डेढ़ साल में एक भी सेवा गांव वालों को नहीं दी है। इनको चिन्हित करने के बाद अब इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद भी सेवाएं न देने पर इनको बर्खास्त किया जा सकता है। जिले की 1164 ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालय की शुरुआत कराई गई। जहां पंचायत भवन नहीं है वहां किराए के भवन में सचिवालय की शुरुआत कराई गई। सरकार की मंशा थी कि गांव वालों को सरकार की योजनाओं में आवेदन के लिए भटकना न पड़...