निज संवाददाता, जनवरी 30 -- यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों पर राजनीति चरम पर है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता भी इस पर बयानबाजी करने लगे हैं। बिहार में भाजपा के एक विधायक यूजीसी के नियमों के खुलकर विरोध में आ गए। उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सवर्णों की हैसियत का हवाला देकर नरेंद्र मोदी सरकार से इसमें संशोधन की मांग कर दी। नवादा जिले के हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिंह ने कहा कि साल 2012 में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई थी। उन्होंने जब मसौदा तैयार किया था, तब एससी-एसटी को भेदभाव से संबंधित शिकायत कमेटी के पास करने का प्रावधान था। इस साल 15 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया गया है, उसमें पिछड़े वर्ग को जोड़ा गया है, लेकिन सामान्य वर्...