नई दिल्ली, जनवरी 22 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह रियल एस्टेट समूह यूनीटेक लिमिटेड से जुड़े मामलों में किसी भी राज्य प्राधिकरण द्वारा उसके आदेशों का पालन न करने को गंभीरता से लेगा। शीर्ष अदालत ने उन्हें चेतावनी दी कि वे रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने में बाधा न डालें। न्यायमूर्ति जे. बी. परदीवाला और के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने यूनीटेक से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए प्राथमिकता अनुसूची तय की। पीठ ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और हरियाणा के नगर एवं ग्रामीण योजना विभाग जैसे राज्य विकास प्राधिकरणों द्वारा सभी आवश्यक अनुमतियां प्रदान की जानी चाहिए। मामले की पहली बार सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि यदि यह पाया जाता है कि राज्य अधिकारियों द्वारा अदालत के पहले के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो हम इ...